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Heart Touching Story In Hindi | दिल को छु लेने वाली कहानी

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Heart Touching Story In Hindi | दिल को छु लेने वाली कहानी 
 मैं लेटा हुआ था, मेरी पत्नी मेरा सिर सहला रही थी।
मैं धीरे-धीरे सो गया, जागा तो वो गले पर विक्स लगा रही थी।
मेरी आंख खुली तो उसने पूछा, कुछ आराम मिल रहा है?
मैंने हां में सिर हिलाया, तो उसने पूछा कि खाना खाओगे ?


मुझे भूख लगी थी, मैंने कहा :- हां
उसने फटाफट रोटी, सब्जी, दाल, चटनी, सलाद मेरे सामने परोस दिए,
और आधा लेटे-लेटे मेरे मुंह में कौर डालती रही ।

मैने चुपचाप खाना खाया, और लेट गया।
पत्नी ने मुझे अपने हाथों से खिलाकर खुद को खुश महसूस किया और रसोई में चली गई।
मैं चुपचाप लेटा रहा, सोचता रहा कि पुरुष भी कैसे होते हैं?

कुछ दिन पहले मेरी पत्नी बीमार थी, मैंने कुछ नहीं किया था।
और तो और एक फोन करके उसका हाल भी नहीं पूछा।
उसने पूरे दिन कुछ नहीं खाया था, लेकिन मैंने उसे ब्रेड परोस कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।

मैंने ये देखने की कोशिश भी नहीं की कि उसे वाकई कितना बुखार था।
मैंने ऐसा कुछ नहीं किया कि उसे लगे कि बीमारी में वो अकेली नहीं।

लेकिन मुझे सिर्फ जरा सी सर्दी हुई थी, और वो मेरी मां बन गई थी।
मैं सोचता रहा कि क्या सचमुच महिलाओं को भगवान एक अलग दिल देते हैं?

महिलाओं में जो करुणा और ममता होती है वो पुरुषों में नहीं होती क्या?
सोचता रहा, जिस दिन मेरी पत्नी को बुखार था,
उस दोपहर जब उसे भूख लगी होगी और वो बिस्तर से उठ न पाई होगी,
तो उसने भी चाहा होगा कि काश उसका पति उसके पास होता?

मैं चाहे जो सोचूं,
लेकिन मुझे लगता है कि हर पुरुष को एक जनम में औरत बनकर ये समझने की कोशिश करनी ही चाहिए,
कि सचमुच कितना मुश्किल होता है, औरत को औरत होना, मां होना, बहन होना, पत्नी होना..!!
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Heart Touching Story In Hindi-2 

एक NRI बेटा विदेश से 21 सालो बाद घर आया. नौकरी और घर बसाने के चक्कर में वह कभी भारत अपने माँ बाप के पास आ ही ना सका.
और जब 21 सालो बाद घर आया तो उसकी माँ बहुत बूढी हो चुकी थी. आते ही उसने अपनी माँ को गले लगाया और करीब 15 मिनट तक जी भर कर माँ को विदेश का हाल सुनाता रहा, माँ को एक शब्द ना बोलने दिया. माँ भी अपने बेटे को देखते हुए बस मुस्कुराये जा रहे थी, बोली कुछ नहीं.
15 मिनट बाद जब बेटे ने अपनी माँ का हाल पुछा तो माँ ने बेटे को प्यार करते हुए कहा “चाहे, अब मैं सुन नहीं सकती लेकिन तसल्ली है कि मरने से पहले तुझे देख लिया”

बेटा का दिल ऐसा भरा कि फिर उसके आंसू ना रुके.विदेशो में बसे मेरे भारतीय भाईयो, अपनी मिटटी, अपनी माँ का हाल देखने आते रहा करो यारो ! 
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Heart Touching Story In Hindi-3

एक 8 साल के बच्चे ने अपना गोलक (piggy bank) तोडा और उसमे जितने भी रुपये थे वो बड़े अच्छे से दो-तीन बार गिने. वो बच्चा रुपये लेकर एक दवाइयों की दुकान (Pharmacy) में गया. फार्मेसी पर उस बच्चे ने देखा कि कुछ लोग खड़े है इसलिए वो भी खड़ा हो गया और इधर उधर दवाईयों की तरफ देखने लगा. जब सब लोग दुकान से चले गए तो दूकानदार ने उस बच्चे को देखा और आश्चर्य में पुछा “बेटा…… .तुम्हे क्या चाहिए?”

बच्चा: मुझे एक चमत्कारी दवाई चाहिए। मेरी बहन बहुत बीमार है और मेरे पापा कहते है कि सिर्फ चमत्कार ही मेरी बहन को बचा सकता है.
दुकानदार: नहीं बीटा… ऐसी कोई दवाई यहाँ पर नहीं मिलती।

बच्चा: मेरे पास पैसे है, अगर आपको और पैसे चाहिए तो मैं ला दूंगा मगर मुझे वो चमत्कारी दवाई दे दीजिये वर्ना मेरी बहन मुझे छोड़ कर चली जायेगी. मुझे बताईये कितने पैसे लगेंगे.
उस बच्चे के बगल में लम्बा सा व्यक्ति खड़ा हुआ था जो ये सब सुन रहा था. उस व्यक्ति ने बच्चे से पूछा “तुम्हारी बहन को क्या हुआ और तुम्हे कैसी चमत्कारी दवाई चाहिए, मुझे बताओ”
उस बच्चे ने कहा “मुझे सिर्फ इतना पता है कि मेरी बहन बहुत बीमार है, उसके सिर में बहुत दर्द होता है और डॉक्टर कहते है कि इसके लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा लेकिन मेरे पापा के पास पैसे नहीं है. इसलिए मेरे पापा कहते है कि अब मेरी बहन को बस कोई चमत्कार ही बचा सकता है. मैं अपनी बहन को बचाने के लिए अपने सारे पैसे लेकर आया हूँ “
उस व्यक्ति ने बच्चे से पुछा “कितने पैसे है तुम्हारे पास?”
बच्चे ने कहा “मेरे पास 260 रुपये है”
उस व्यक्ति ने कहा “चमत्कार के लिए इतने पैसे काफी है, मुझे जल्दी से अपनी बहन के पास ले चलो, मैं देखता हूँ कि क्या कर सकता हूँ”
उस छोटी बच्ची को Brain Tumour था और ये व्यक्ति बहुत ही प्रसिद्ध डॉक्टर थे. बच्ची का ऑपरेशन सफल रहा और उसकी जान बच गयी. ऑपरेशन के बाद बच्ची के पापा ने डॉक्टर से पुछा “ऑपरेशन के पैसे कितने हुए?”
डॉक्टर ने उस बच्चे की तरफ देखते हुए माँ को कहा ” मुझे इस ऑपरेशन की फीस आपके बेटे ने दे दी है, इसकी फीस थी 260 रुपये”
माँ सब समझ गयी और उसने अपने बेटे को गले लगा कर खूब प्यार किया.
दोस्तों, ये इंसानियत पर कहानी हमें बताती है कि भगवान पर विश्वास रखे लेकिन उससे पहले खुद पर भी विश्वास रखे. आज के युग में अच्छे इंसान भी होते है और चमत्कार भी होते है !

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